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प्रत्यय हिंदी व्याकरण

प्रत्यय हिंदी व्याकरण

प्रत्यय हिंदी व्याकरण प्रत्यय जो शब्दांश किसी शब्द के बाद लगकर उसके अर्थ को बदल देते हैं और नए अर्थ का बोध कराते हैं उसे प्रत्यय कहते हैं। भाषा में प्रत्यय का महत्त्व इसलिए भी है क्योंकि उसके प्रयोग से मूल शब्द के अनेक अर्थों को प्राप्त किया जा सकता है। यौगिक शब्द बनाने में […]

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पर्यायवाची शब्द हिंदी व्याकरण

पर्यायवाची शब्द हिंदी व्याकरण

पर्यायवाची शब्द हिंदी व्याकरण ‘पर्यायवाचीशब्द’ ‘पर्याय’ का अर्थ है- ‘समान’ तथा ‘वाची’ का अर्थ है- ‘बोले जाने वाले’ अर्थात जिन शब्दों का अर्थ एक जैसा होता है, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते हैं। इसे हम ऐसे भी कह सकते है- जिन शब्दों के अर्थ में समानता हो, उन्हें ‘पर्यायवाची शब्द’ कहते है। समान अर्थवाले शब्दों को

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तार लेखन हिंदी व्याकरण

तार लेखन हिंदी व्याकरण

तार लेखन हिंदी व्याकरण तारलेखन ‘तार’ या टेलीग्राम की परंपरा विद्यमान है। तार की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह है कि संचार के अन्य साधन जहाँ महँगे होने के साथ-साथ शहरों और कस्बों तक सीमित हैं, वहाँ तार सुदूर देहातों तक अपनी सेवाओं से जनता को लाभन्वित कर रहा है। तार लेखन की पहली

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तत्सम-तद्भव शब्द हिंदी व्याकरण

तत्सम-तद्भव शब्द हिंदी व्याकरण

तत्सम-तद्भव शब्द हिंदी व्याकरण तत्सम शब्द ‘तत्’ तथा ‘सम’ के मेल से तत्सम शब्द बना है। ‘तत्’ का अर्थ होता है-‘उसके’ तथा ‘सम’ का अर्थ है ‘समान’ । अर्थात् उसके समान, ज्यों का त्यों। अतः किसी भाषा में प्रयुक्त उसकी मूल भाषा के शब्द जब ज्यों के त्यों प्रयुक्त होते हैं, तत्सम शब्द कहलाते हैं।

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डायरी-लेखन हिंदी व्याकरण

डायरी-लेखन हिंदी व्याकरण

डायरी-लेखन हिंदी व्याकरण डायरी–लेखन डायरी-लेखन क्या है? ‘डायरी’ अर्थात ‘जो प्रतिदिन लिखी जाए’। हर दिन की विशेष घटनाएँ-प्रिय अथवा अप्रिय, जिन्होंने भी मन पर प्रभाव छोड़ा हो, डायरी में लिखी जाती हैं। डायरी लेखन व्यक्ति के द्वारा लिखा गया व्यक्तिगत अभुभवों, सोच और भावनाओं को लेखित रूप में अंकित करके बनाया गया एक संग्रह है।

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टिप्पण लेखन हिंदी व्याकरण

टिप्पण लेखन हिंदी व्याकरण

टिप्पण लेखन हिंदी व्याकरण टिप्पण लेखन अंग्रेजी भाषा में ‘टिप्पण’ के लिए ‘Noting’ शब्द का प्रयोग होता है।‘टिप्पण’ का अर्थ है- टिप्पणी लिखने का कार्य।’ इस प्रकार ‘टिप्पण’ टिप्पणी लिखने की कला या प्रक्रिया का नाम है। जिस प्रकार संक्षेप करने की कला को संक्षेपण, विस्तृत करने की कला को विस्तारण कहते हैं, उसी प्रकार

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छन्द हिंदी व्याकरण

छन्द हिंदी व्याकरण

छन्द हिंदी व्याकरण छन्द जब वर्णों की संख्या, क्रम, मात्र-गणना तथा यति-गति आदि नियमों को ध्यान में रखकर पद्य रचना की जाती है उसे छंद कहते हैं। या फिर जिस शब्द-योजना में वर्णों या मात्राओं और यति-गति का विशेष नियम हो, उसे छन्द कहते हैं| छन्द की परिभाषा छंद का अर्थ छन्द संस्कृत वाङ्मय में

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क्रिया हिंदी व्याकरण

क्रिया हिंदी व्याकरण

क्रिया हिंदी व्याकरण क्रिया हिंदी व्याकरण में चार विकारी शब्द होते हैं संज्ञा, सर्वनाम, विशेषण और क्रिया। क्रिया को अंग्रेजी में Action Word कहते है। क्रिया का अर्थ होता है करना। जो भी काम हम करते है, वो क्रिया कहलाती है। क्रिया की परिभाषा जिस शब्द के द्वारा किसी क्रिया के करने या होने का

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उपसर्ग हिंदी व्याकरण

उपसर्ग हिंदी व्याकरण

उपसर्ग हिंदी व्याकरण उपसर्ग यह दो शब्दों (उप+सर्ग) के योग से बनता है। ’उप’ का अर्थ ’समीप’, ’निकट’ या ’पास में’ है। ’सर्ग’ का अर्थ है सृष्टि करना। ’उपसर्ग’ का अर्थ है पास में बैठकर दूसरा नया अर्थ वाला शब्द बनाना। ’हार’ के पहले ’प्र’ उपसर्ग लगा दिया गया, तो एक नया शब्द ’प्रहार’ बन

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अलंकार हिन्दी व्याकरण

अलंकार हिन्दी व्याकरण

अलंकार हिन्दी व्याकरण अलंकार काव्य की शोभा बढ़ानेवाले उपकरणों को अलंकार करते हैं। जैसे अलंकरण धारण करने से शरीर की शोभा बढ़ जाती है, वैसे ही अलंकरण के प्रयोग से काव्य में चमक उत्पन्न हो जाती है। संस्कृत आचार्य दंडी के अनुसार ‘अलंकार काव्य का शोभाकारक धर्म है’ और आचार्य वामन के अनुसार ‘अलंकार ही

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