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तार लेखन हिंदी व्याकरण

तार लेखन हिंदी व्याकरण

तारलेखन

‘तार’ या टेलीग्राम की परंपरा विद्यमान है। तार की लोकप्रियता का सबसे बड़ा कारण यह है कि संचार के अन्य साधन जहाँ महँगे होने के साथ-साथ शहरों और कस्बों तक सीमित हैं, वहाँ तार सुदूर देहातों तक अपनी सेवाओं से जनता को लाभन्वित कर रहा है।

तार लेखन की पहली शर्त है- कम-से-कम शब्दों में काम की बातों को प्रेषित करना। इसके लिए समास-ज्ञान जरूरी है। लोगों का ऐसा कहना है कि English में तार भेजना कम खर्चीला है; लेकिन यह बात पूर्णतः सत्य नहीं है। हिन्दी में भी तार-लेखन सस्ता हो सकता है बशर्ते कि आपको सामासिकता का ज्ञान हो।

हम जानते हैं कि उसमें शब्द-संख्या के आधार पर सेवा-शुल्क तय होता है, इसलिए कम-से-कम शब्दों का प्रयोग करना ही बुद्धिमानी है। हम एक उदाहरण लेते हैं-

नववर्ष के उपलक्ष्य में अपने मित्र को बधाई देने के लिए हम अंग्रेजी में लिखेंगे- ”Happy New Year’! और हिन्दी में लिखेंगे- ‘शुभ नववर्ष’। अंग्रेजी में तीन शब्दों का और हिन्दी में दो शब्दों का प्रयोग हुआ। कल्पना करें-कौन सस्ता है

पहले केवल अँगरेजी में डाकघरों से तार भेजा जाता था, किन्तु अब हिन्दी में भी तार भेजा जाता है। आजादी के बाद इसका प्रचार दिन-दिन बढ़ता जा रहा है और जनता में यह लोकप्रिय होता जा रहा है।

फिर भी, इस दशा में अभी बहुत कुछ करना है। हिन्दी में तार-सभी मुख्य तारघरों में देवनागरी में तार-प्रणाली चालू की जा चुकी है। राष्ट्रभाषा हिन्दी की उत्तरोत्तर प्रगति की दृष्टि से तार-क्षेत्र में भी हिन्दी का समुचित प्रयोग हो रहा है। कुछ लोगों का यह भ्रम है कि हिन्दी में तार लिखना महँगा है।

सच तो यह है कि अँगरेजी तार की अपेक्षा देवनागरी तार पर खर्च कम होता है। अँगरेजी तार लिखवाने और पढ़वाने में जो समय और पैसा लगता है, देवनागरी तार भेजने में उसकी बचत होती है।

देवनागरी तारों में शब्द गिनने के कुछ विशेष नियम हैं, जिनसे ये तार सस्ते पड़ते हैं। उन नियमों की जानकारी के लिए दिल्ली की केन्द्रीय सचिवालय हिन्दी परिषद ने देवनागरी में तार नामक एक पुस्तिका प्रकाशित की है।

इस पुस्तिका में सौ ऐसे वाक्यांश दिये गये हैं, जिनके लिए अँगरेजी के तारों में कई शब्दों का प्रभार (चार्ज) देना पड़ता है, किन्तु हिन्दी में उनके लिए या तो एक शब्द से काम चल जाता है

अथवा समासयुक्त शब्दों का प्रयोग कर या विभक्ति को मिलाकर लिखने से केवल एक शब्द का प्रभार देना पड़ता है। उदाहरण के लिए ‘day and night’ अँगरेजी में तीन शब्द है, पर हिन्दी तार में ‘रातदिन’ एक शब्द माना जायेगा।

उसी प्रकार अँगरेजी में लिखे ‘sent by goods train’ में चार शब्द गिने जायेंगे, पर हिन्दी में ‘मालगाड़ी से भेज दिया’ इसके लिए दो शब्दों का प्रभार देना पड़ेगा। ‘Again and again अँगरेजी में तीन शब्दों का वाक्यांश माना जायेगा, पर इसका हिन्दी-पर्याय एक शब्द का ‘बार-बार’ होगा।

इसी प्रकार, ‘will be able to come’ के लिए हिन्दी तार में लिखा जायेगा- ‘आ सकूँगा’, ‘wear and tear’ के लिए ‘टूटफूट’, ‘Deputy Minister’ के लिए ‘उपमन्त्री’ ‘Chief Editor’ के लिए ‘प्रधानसम्पादक’,‘Working Committee’ के लिए ‘कार्यसमिति’, ‘Errors and omissions’ के लिए एक शब्द-‘भूलचूक’ का प्रयोग कर पैसे की बचत हो जाती है।

तारलेखन की परिभाषा

तार लेखन(Telegram) की परिभाषा कम-से-कम शब्दों में सन्देश भेजने की पद्धति को ‘तार’ (Telegram) कहते हैं। आज संचार के कई विकसित संसाधन उपलब्ध हैं

जैसे टेलीफोन, फैक्स, टेलीप्रिंटर, इंटरनेट, मोबाईल आदि। फिर भी’तार’ या टेलीग्राम की परंपरा विद्यमान है।

तार-लेखन के लिए ध्यातव्य बिन्दु

  • तार भेजनेवाले फॉर्म पर तार पानेवाले का पता संक्षिप्त किन्तु स्पष्ट हो।
  • तार भेजे जानेवाले स्थान के निकटवर्ती तार घर के नाम का उल्लेख अवश्य हो।
  • संदेश ‘अतिसंक्षिप्त’ और सुस्पष्ट हो।
  • अनावश्यक शब्दों का प्रयोग न हो।

हिन्दी तारों के सामान्य नियम

महत्त्वपूर्ण नियम निम्नलिखित हैं-

  1. दसअक्षरोंतककेशब्दपरएकशब्दकातारप्रभारलगताहै।यदिएकशब्दमेंदससेअधिकअक्षरहों, तोदस-दसअक्षरोंकाएकऔरजोअक्षरबाकीबचरहें, उनकाभीएकशब्दमानाजायेगा।
  2. मात्रा को अलग अक्षर नहीं माना जाता।

जैसे ज+ी=’जी’ एक ही अक्षर माना जाता है।

  • अधिक-से-अधिक दस अक्षरोंवाले सम्पूर्ण क्रियावाचक वाक्य या वाक्यांश को तार-प्रभार के लिए एक ही शब्द गिना जाता है;

जैसे

  • ‘आ रहा हूँ’
  • भेज दिया गया’
  • पहुँचा दिया जायेगा’

इनको एक-एक शब्द ही माना जायेगा।अँगरेजी तार के हिसाब से ‘has been sent’ इत्यादि तीन शब्द माने जायेंगे।

  • विभक्तियों के चिह्नों अथवा सम्बन्धसूचक शब्दों,

जैसे ने, को, के लिए, का, की, के, में, पै, पर, स आदि को शब्द के साथ मिलाकर लिखना चाहिए

जैसे मोहनको, दिल्लीमें, रामकेलिए, स्टेशनपर इत्यादि। विभक्ति मिला हुआ शब्द एक ही शब्द गिना जाता है।

  • समासयुक्त शब्द भी एक ही शब्द गिना जाता है

जैसे उत्तराभिलाषी, पराधीन, सन्तोषजनक, आवश्यक आदि एक ही शब्द माने जाते हैं।

  • संयुक्त व्यंजनों में प्रत्येक अक्षर को तार-प्रभार के लिए अलग-अलग गिना जायेगा

जैसे क्त, क्व, क्ष, त्र, ज्ञ, र्म आदि दो-दो अक्षर तथा स्थ्य तीन अक्षर माने जायेंगे।

  • यदि बीच में स्थान न छोड़ा गया हो और दस से अधिक अक्षर न हों तो प्रधानमन्त्री, मुख्यमन्त्री, प्रधानसम्पादक, सहायकसम्पादक आदि एक ही शब्द गिने जाएँगे।
  • व्यापारिक चिह्न या संख्याएँ गिनने के लिए पाँच अंकों या चिह्नों तक के समूह का एक शब्द गिना जाता है।
  • जिस स्थान को तार भेजा जा रहा है, उसके नाम को एक शब्द माना जाता है, परन्तु उसे उस रूप में लिखना चाहिए, जिस रूप में तार-निर्देशिका में नामों की सूची में लिखा गया है। उदाहरण के लिए,

‘विक्टोरिया गार्डन बम्बई’ को एक शब्द गिना जायेगा।

  1. शब्दों के प्रारम्भिक अक्षरों में से प्रत्येक में एक शब्द माना जाता है

जैसे ‘केन्द्रीय लोकनिर्माण विभाग’ के लिए ‘के. लो. नि. वि.’ लिखा जाय तो ये चार शब्द माने जायेंगे।

  1. प्रत्येक विरामचिह्न और कोष्टकों को भी शब्द माना जाता है। दो शब्दों के बीच यदि वक्ररेखा का प्रयोग हुआ हो, तो इसको भी एक शब्द माना जायेगा।

जैसे ‘मई/जून’ को तीन गिना जायेगा।

तार कैसे लिखना चाहिए

  • तार पर पता लिखने में पानेवाले का ब्योरा स्पष्ट रूप से देना चाहिए ताकि तारघर के कर्मचारियों को इधर-उधर भटकना न पड़े। बड़े शहरों में सड़क का नाम और घर की संख्या भी देनी चाहिए।
  • जिन शहरों में डाक का वितरण क्षेत्रों के अनुसार होता है, वहाँ तार भेजने के समय वितरण-क्षेत्र की संख्या लिख देना आवश्यक हैं, ताकि तार का वितरण जल्दी हो जाय। इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।

तार-लेखन के उदाहरण

  1. प्रखर द्वारा प्रवर को विदेश-यात्रा की सूचना के लिए भेजा गया तार

सेवा में,

प्रवर अनू

नेतरहाट,

गुमला

अमरीका-यात्रा 20 जून तय सप्ताह पूर्व आइए।

………………………………………………………..प्रखर (प्रेषक)

भेजनेवाले के हस्ताक्षर व पता………………………तार से न भेजा जाय

प्रखर

नावकोठी, बेगूसराय

851130

  • पुत्र द्वारा पिता को भेजा गया तार

सेवा में,

श्री अरविन्द कुमार

बसंत-विहार,

नई दिल्ली-28 माँ अस्वस्थ शीघ्रतातिशीघ्र आइए।

……………………………………………………………प्रवर (प्रेषक)

भेजनेवाले के हस्ताक्षर व पता……………………………….तार से न भेजा जाय

प्रवर अनू

बी. पी. एस. पटना-25

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