Start-up meeting of designers looking for new creative ideas
आज की दुनिया में अगर किसी एक मशीन ने हमारी जिंदगी को सबसे ज्यादा बदला है, तो वह है कंप्यूटर। सुबह उठते ही मोबाइल चेक करना, ऑफिस में काम करना, ऑनलाइन क्लास लेना, बैंकिंग करना या फिर मूवी देखना—इन सबके पीछे कहीं न कहीं कंप्यूटर ही काम कर रहा होता है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि कंप्यूटर वास्तव में है क्या?
सरल शब्दों में कहें तो कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो डेटा को इनपुट के रूप में लेती है, उसे प्रोसेस करती है और परिणाम को आउटपुट के रूप में दिखाती है। यानी आप जो भी जानकारी इसे देते हैं, कंप्यूटर उसे समझने योग्य रूप में बदल देता है। उदाहरण के लिए, जब आप कीबोर्ड से कुछ टाइप करते हैं, तो कंप्यूटर उसे प्रोसेस करके स्क्रीन पर दिखाता है।
कंप्यूटर की खास बात यह है कि यह बहुत तेजी से और बिना गलती के काम कर सकता है। जहां इंसान को एक गणित का सवाल हल करने में कुछ मिनट लग सकते हैं, वहीं कंप्यूटर वही काम कुछ सेकंड में कर देता है। यही कारण है कि आज कंप्यूटर हर क्षेत्र में इस्तेमाल हो रहा है।
कंप्यूटर सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि आज की डिजिटल दुनिया की रीढ़ बन चुका है। बिना कंप्यूटर के आधुनिक जीवन की कल्पना करना लगभग असंभव है।
“कंप्यूटर” शब्द अंग्रेजी के “Compute” से बना है, जिसका अर्थ होता है “गणना करना”। शुरुआत में कंप्यूटर का मुख्य काम केवल गणितीय गणनाएँ करना था। इसलिए इसे गणना करने वाली मशीन कहा गया। लेकिन समय के साथ कंप्यूटर का दायरा बढ़ता गया।
पहले के समय में लोग अबेकस (Abacus) जैसे उपकरणों का इस्तेमाल गणना के लिए करते थे। बाद में ऐसी मशीनें बनीं जो जोड़, घटाव, गुणा और भाग जैसे कार्य कर सकती थीं। धीरे-धीरे तकनीक विकसित हुई और आज का आधुनिक कंप्यूटर सामने आया, जो सिर्फ गणना ही नहीं बल्कि ग्राफिक्स डिजाइन, वीडियो एडिटिंग, प्रोग्रामिंग, गेमिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे जटिल कार्य भी कर सकता है।
अगर हम अर्थ की बात करें तो कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो डेटा को प्रोसेस करके उपयोगी जानकारी में बदल देती है। यह सिर्फ नंबरों तक सीमित नहीं है, बल्कि टेक्स्ट, चित्र, ऑडियो और वीडियो भी प्रोसेस कर सकता है।
आज “कंप्यूटर” शब्द का मतलब केवल डेस्कटॉप या लैपटॉप तक सीमित नहीं है। आपका स्मार्टफोन, एटीएम मशीन, स्मार्ट टीवी—ये सभी एक प्रकार के कंप्यूटर ही हैं। यानी जहां भी डेटा प्रोसेसिंग हो रही है, वहां कंप्यूटर मौजूद है।
कंप्यूटर का इतिहास बहुत पुराना है। जब इंसान ने गिनती सीखनी शुरू की, तभी से गणना उपकरणों की जरूरत महसूस हुई। सबसे पहला गणना उपकरण था “अबेकस”, जिसे लगभग 3000 वर्ष पहले चीन में इस्तेमाल किया गया। यह लकड़ी का एक फ्रेम होता था जिसमें मोतियों की मदद से गिनती की जाती थी।
इसके बाद 17वीं सदी में ब्लेज़ पास्कल ने “पास्कलाइन” नामक मशीन बनाई, जो जोड़ और घटाव कर सकती थी। फिर चार्ल्स बैबेज ने “एनालिटिकल इंजन” का डिजाइन तैयार किया, जिसे आधुनिक कंप्यूटर का जनक माना जाता है।
20वीं सदी में इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर का विकास शुरू हुआ। पहला इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर ENIAC था, जो बहुत बड़ा और भारी था। इसमें हजारों वैक्यूम ट्यूब्स का इस्तेमाल होता था।
धीरे-धीरे ट्रांजिस्टर, इंटीग्रेटेड सर्किट और माइक्रोप्रोसेसर का विकास हुआ। इससे कंप्यूटर छोटे, तेज और सस्ते हो गए। आज के समय में कंप्यूटर हमारी जेब में फिट हो जाता है—यानी स्मार्टफोन के रूप में।
इतिहास को देखें तो कंप्यूटर ने लंबा सफर तय किया है। एक कमरे जितनी बड़ी मशीन से लेकर हथेली में आने वाले डिवाइस तक—यह विकास तकनीक की ताकत को दर्शाता है।
अगर कोई आपसे पूछे कि कंप्यूटर क्या है, तो आप सरल शब्दों में कह सकते हैं—“कंप्यूटर एक ऐसी मशीन है जो हमारी दी गई जानकारी को समझकर उसका परिणाम देती है।”
तकनीकी भाषा में, कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस है जो इनपुट लेता है, उसे प्रोसेस करता है, स्टोर करता है और फिर आउटपुट देता है। इसे IPO चक्र (Input-Process-Output) भी कहा जाता है।
मान लीजिए आप कैलकुलेटर में 5 + 5 टाइप करते हैं। यहां 5 और 5 इनपुट हैं, जोड़ने की प्रक्रिया प्रोसेस है और 10 आउटपुट है। यही काम कंप्यूटर बड़े स्तर पर करता है।
कंप्यूटर की सबसे बड़ी ताकत उसकी गति और सटीकता है। यह एक सेकंड में लाखों गणनाएँ कर सकता है। साथ ही, यह डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित भी रख सकता है।
आज के समय में कंप्यूटर सिर्फ ऑफिस या स्कूल तक सीमित नहीं है। यह हमारे घर, अस्पताल, बैंक और यहां तक कि अंतरिक्ष में भी इस्तेमाल हो रहा है। यही वजह है कि कंप्यूटर को आधुनिक युग का सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार कहा जाता है।
जब हम कंप्यूटर की बात करते हैं, तो अक्सर हमें सिर्फ मॉनिटर या लैपटॉप की स्क्रीन याद आती है। लेकिन सच कहें तो कंप्यूटर कई हिस्सों का एक संगठित समूह है, जो मिलकर काम करता है। अगर इसे इंसान से तुलना करें, तो जैसे हमारे शरीर में अलग-अलग अंग मिलकर हमें सक्रिय रखते हैं, वैसे ही कंप्यूटर के विभिन्न भाग मिलकर उसे कार्य करने योग्य बनाते हैं।
कंप्यूटर के मुख्य रूप से दो भाग होते हैं:
हार्डवेयर वे सभी भौतिक हिस्से हैं जिन्हें हम छू सकते हैं, जैसे कीबोर्ड, माउस, मॉनिटर, CPU, प्रिंटर आदि। वहीं सॉफ्टवेयर वे प्रोग्राम और निर्देश होते हैं जिन्हें हम देख नहीं सकते, लेकिन उन्हीं की मदद से कंप्यूटर काम करता है।
अगर आपके पास एक शानदार लैपटॉप है लेकिन उसमें कोई ऑपरेटिंग सिस्टम या सॉफ्टवेयर नहीं है, तो वह केवल एक डिब्बा भर रह जाएगा। और अगर सॉफ्टवेयर हो लेकिन हार्डवेयर न हो, तो वह भी बेकार है। यानी दोनों का संबंध वैसा ही है जैसा शरीर और आत्मा का।
कंप्यूटर को सही तरीके से समझने के लिए उसके इन दोनों भागों को विस्तार से जानना बेहद जरूरी है। तभी हम समझ पाएंगे कि कंप्यूटर असल में कैसे काम करता है।
हार्डवेयर कंप्यूटर के वे हिस्से होते हैं जिन्हें हम देख और छू सकते हैं। यह कंप्यूटर का भौतिक ढांचा होता है। उदाहरण के लिए:
CPU को कंप्यूटर का “दिमाग” कहा जाता है। जैसे इंसान का दिमाग सोचने और निर्णय लेने का काम करता है, वैसे ही CPU सारे निर्देशों को समझकर उन्हें पूरा करता है।
मॉनिटर आउटपुट दिखाता है, कीबोर्ड और माउस इनपुट देने के लिए उपयोग होते हैं। हार्ड डिस्क डेटा को स्टोर करती है। अगर हार्डवेयर मजबूत और आधुनिक है, तो कंप्यूटर की स्पीड और प्रदर्शन भी बेहतर होगा।
आज के समय में हार्डवेयर तकनीक तेजी से विकसित हो रही है। पहले के कंप्यूटर भारी और बड़े होते थे, लेकिन अब हल्के और पोर्टेबल लैपटॉप और टैबलेट उपलब्ध हैं। हार्डवेयर जितना बेहतर होगा, कंप्यूटर का अनुभव उतना ही शानदार होगा।
सॉफ्टवेयर वह हिस्सा है जो हार्डवेयर को निर्देश देता है कि क्या करना है और कैसे करना है। इसे आप कंप्यूटर की “आत्मा” कह सकते हैं। बिना सॉफ्टवेयर के हार्डवेयर कोई काम नहीं कर सकता।
सॉफ्टवेयर मुख्य रूप से दो प्रकार के होते हैं:
जब आप कंप्यूटर ऑन करते हैं, तो सबसे पहले ऑपरेटिंग सिस्टम (जैसे Windows) लोड होता है। यह सिस्टम सॉफ्टवेयर है जो बाकी सभी प्रोग्राम्स को चलाने में मदद करता है।
मान लीजिए आप कोई गाना सुनना चाहते हैं। इसके लिए आपको म्यूजिक प्लेयर सॉफ्टवेयर चाहिए। यानी हर काम के लिए एक अलग सॉफ्टवेयर होता है।
आज की डिजिटल दुनिया में सॉफ्टवेयर का महत्व बहुत बढ़ गया है। क्लाउड कंप्यूटिंग, मोबाइल ऐप्स और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस—all सॉफ्टवेयर पर आधारित हैं। इसलिए सॉफ्टवेयर को समझना उतना ही जरूरी है जितना हार्डवेयर को।
कंप्यूटर सिर्फ एक तरह का नहीं होता। अलग-अलग जरूरतों के अनुसार अलग-अलग प्रकार के कंप्यूटर बनाए गए हैं। कुछ बहुत बड़े और शक्तिशाली होते हैं, तो कुछ छोटे और व्यक्तिगत उपयोग के लिए।
मुख्य रूप से कंप्यूटर के चार प्रकार होते हैं:
हर प्रकार का अपना अलग उद्देश्य और उपयोग क्षेत्र होता है। आइए इन्हें विस्तार से समझते हैं।
सुपर कंप्यूटर दुनिया के सबसे तेज और शक्तिशाली कंप्यूटर होते हैं। इनका उपयोग जटिल वैज्ञानिक गणनाओं और रिसर्च के लिए किया जाता है।
उदाहरण के लिए:
सुपर कंप्यूटर एक सेकंड में खरबों गणनाएँ कर सकता है। भारत में “परम” और “प्रत्युष” जैसे सुपर कंप्यूटर मौजूद हैं।
इनकी कीमत बहुत अधिक होती है और इन्हें खास रिसर्च संस्थानों में इस्तेमाल किया जाता है। आम आदमी के लिए इनका उपयोग संभव नहीं है, लेकिन इनके द्वारा किए गए शोध का लाभ हम सभी को मिलता है।
मेनफ्रेम कंप्यूटर बड़े संगठनों और बैंकों में उपयोग किए जाते हैं। ये एक साथ हजारों उपयोगकर्ताओं का डेटा संभाल सकते हैं।
बैंकिंग सिस्टम, रेलवे रिजर्वेशन और बड़ी कंपनियों में मेनफ्रेम कंप्यूटर का इस्तेमाल होता है। ये बेहद सुरक्षित और भरोसेमंद होते हैं।
अगर आप कभी ऑनलाइन टिकट बुक करते हैं या बैंक ट्रांजेक्शन करते हैं, तो संभावना है कि पीछे मेनफ्रेम कंप्यूटर काम कर रहा हो।
मिनी कंप्यूटर मध्यम स्तर के होते हैं। ये छोटे व्यवसायों और संस्थानों में उपयोग किए जाते हैं। इनकी क्षमता मेनफ्रेम से कम लेकिन माइक्रो कंप्यूटर से ज्यादा होती है।
पहले के समय में मिनी कंप्यूटर बहुत लोकप्रिय थे, लेकिन अब माइक्रो कंप्यूटर और सर्वर ने उनकी जगह ले ली है।
माइक्रो कंप्यूटर वे होते हैं जिन्हें हम रोजाना इस्तेमाल करते हैं। जैसे:
ये व्यक्तिगत उपयोग के लिए बनाए जाते हैं। आज लगभग हर घर में माइक्रो कंप्यूटर मौजूद है। यही कारण है कि यह सबसे लोकप्रिय प्रकार है।
आज कंप्यूटर का उपयोग हर क्षेत्र में हो रहा है। आइए देखें कुछ प्रमुख क्षेत्र:
ऑनलाइन क्लास, प्रोजेक्ट, प्रेजेंटेशन—सब कुछ कंप्यूटर के बिना अधूरा है। विद्यार्थी इंटरनेट से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और डिजिटल लर्निंग का लाभ उठा सकते हैं।
अस्पतालों में मरीजों की रिपोर्ट, एक्स-रे, MRI और ऑपरेशन तक में कंप्यूटर की मदद ली जाती है।
ऑनलाइन ट्रांजेक्शन, एटीएम, अकाउंट मैनेजमेंट—सब कंप्यूटर के माध्यम से संभव है।
डेटा मैनेजमेंट, अकाउंटिंग, मार्केटिंग और ई-कॉमर्स—all कंप्यूटर आधारित हैं।
गेम्स, मूवी, म्यूजिक और सोशल मीडिया—कंप्यूटर ने मनोरंजन को डिजिटल बना दिया है।
कह सकते हैं कि कंप्यूटर अब सिर्फ एक मशीन नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुका है।
कभी आपने सोचा है कि आखिर कंप्यूटर में ऐसा क्या खास है कि यह हमारी जिंदगी का इतना अहम हिस्सा बन गया? सिर्फ एक मशीन होने के बावजूद यह हमसे तेज, ज्यादा सटीक और कभी न थकने वाला साथी कैसे बन गया? आइए इसकी प्रमुख विशेषताओं को विस्तार से समझते हैं।
सबसे पहली और सबसे महत्वपूर्ण विशेषता है गति (Speed)। कंप्यूटर एक सेकंड में लाखों-करोड़ों गणनाएँ कर सकता है। जहां इंसान को किसी जटिल गणना में कई मिनट लग सकते हैं, वहीं कंप्यूटर वही काम पलक झपकते ही कर देता है। यही वजह है कि बैंकिंग, वैज्ञानिक शोध और डेटा विश्लेषण जैसे क्षेत्रों में कंप्यूटर अनिवार्य हो गया है।
दूसरी खासियत है सटीकता (Accuracy)। कंप्यूटर गलतियाँ नहीं करता—जब तक उसे गलत निर्देश न दिए जाएँ। यानी अगर इनपुट सही है, तो आउटपुट भी सही होगा। यह गुण उसे बेहद भरोसेमंद बनाता है।
तीसरी विशेषता है संग्रहण क्षमता (Storage Capacity)। कंप्यूटर बड़ी मात्रा में डेटा को लंबे समय तक सुरक्षित रख सकता है। पहले जहां फाइलों के ढेर लग जाते थे, अब वही जानकारी एक छोटी-सी हार्ड डिस्क या क्लाउड में सुरक्षित रहती है।
इसके अलावा कंप्यूटर की बहुकार्य क्षमता (Multitasking) भी अद्भुत है। आप एक साथ गाना सुन सकते हैं, इंटरनेट ब्राउज़ कर सकते हैं और डॉक्यूमेंट टाइप कर सकते हैं—सब एक ही समय में।
और हाँ, कंप्यूटर कभी थकता नहीं। इंसान को आराम चाहिए, लेकिन कंप्यूटर 24 घंटे लगातार काम कर सकता है। यही विशेषताएँ उसे आधुनिक युग का सबसे भरोसेमंद उपकरण बनाती हैं।
ऊपर से देखने पर कंप्यूटर बस एक स्क्रीन और कीबोर्ड जैसा लगता है, लेकिन अंदर एक जटिल प्रक्रिया चलती रहती है। कंप्यूटर का काम मुख्य रूप से तीन चरणों में होता है, जिसे IPO चक्र (Input-Process-Output Cycle) कहा जाता है।
इसे ऐसे समझिए जैसे आप किसी रसोइए को सब्जियाँ और मसाले देते हैं (इनपुट), वह उन्हें पकाता है (प्रोसेस), और फिर आपको स्वादिष्ट भोजन देता है (आउटपुट)। कंप्यूटर भी ठीक इसी तरह काम करता है।
जब आप कीबोर्ड से कुछ टाइप करते हैं या माउस से क्लिक करते हैं, तो वह इनपुट होता है। फिर CPU उस डेटा को प्रोसेस करता है। अंत में परिणाम स्क्रीन पर दिखाई देता है, जो आउटपुट कहलाता है।
यह प्रक्रिया इतनी तेजी से होती है कि हमें लगता है सब कुछ तुरंत हो गया। लेकिन असल में कंप्यूटर के अंदर लाखों छोटे-छोटे इलेक्ट्रॉनिक सिग्नल काम कर रहे होते हैं।
अब इन तीनों चरणों को थोड़ा और गहराई से समझते हैं।
इनपुट वह जानकारी है जो हम कंप्यूटर को देते हैं। यह कई माध्यमों से दिया जा सकता है:
उदाहरण के लिए, जब आप गूगल पर कुछ सर्च करते हैं, तो जो शब्द आप टाइप करते हैं वही इनपुट है। अगर इनपुट सही नहीं होगा, तो परिणाम भी सही नहीं मिलेगा। इसलिए कहा जाता है—“Garbage in, Garbage out।”
इनपुट डिवाइस कंप्यूटर को बाहरी दुनिया से जोड़ते हैं। इनके बिना कंप्यूटर कोई काम शुरू ही नहीं कर सकता।
प्रोसेस वह चरण है जहां असली काम होता है। यहां CPU (Central Processing Unit) इनपुट डेटा को समझकर उस पर कार्य करता है।
मान लीजिए आपने कैलकुलेटर में 10 × 5 डाला। CPU इस डेटा को लेकर गुणा करता है और परिणाम तैयार करता है। यह सब माइक्रोसेकंड में हो जाता है।
प्रोसेसिंग के दौरान डेटा मेमोरी में अस्थायी रूप से स्टोर होता है। RAM इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जितनी अधिक RAM होगी, कंप्यूटर उतना तेज काम करेगा।
प्रोसेसिंग के बाद जो परिणाम हमें मिलता है, वह आउटपुट कहलाता है। यह कई रूपों में हो सकता है:
उदाहरण के लिए, जब आप कोई वीडियो चलाते हैं, तो स्क्रीन पर दिखने वाला दृश्य और स्पीकर से आने वाली आवाज आउटपुट है।
इनपुट, प्रोसेस और आउटपुट—ये तीनों मिलकर कंप्यूटर को एक पूर्ण प्रणाली बनाते हैं।
CPU को कंप्यूटर का “दिमाग” कहा जाता है। जैसे हमारा दिमाग पूरे शरीर को नियंत्रित करता है, वैसे ही CPU कंप्यूटर के सभी कार्यों को नियंत्रित करता है। बिना CPU के कंप्यूटर सिर्फ एक खाली ढांचा है।
CPU मुख्य रूप से तीन भागों में बँटा होता है:
ये तीनों मिलकर कंप्यूटर को सोचने और निर्णय लेने की क्षमता देते हैं।
ALU का काम गणितीय और तार्किक कार्य करना है। जोड़, घटाव, गुणा, भाग—ये सभी कार्य ALU करता है। इसके अलावा AND, OR जैसे लॉजिकल ऑपरेशन भी यही संभालता है।
अगर आप कोई गणित का प्रोग्राम चला रहे हैं, तो समझ लीजिए कि ALU पूरी ताकत से काम कर रहा है।
CU यानी कंट्रोल यूनिट। इसका काम है कंप्यूटर के सभी हिस्सों को निर्देश देना। यह तय करता है कि किस समय कौन-सा काम होगा।
इसे आप ट्रैफिक पुलिस की तरह समझ सकते हैं, जो ट्रैफिक को नियंत्रित करता है। अगर CU सही से काम न करे, तो पूरा सिस्टम गड़बड़ा जाएगा।
रजिस्टर छोटे लेकिन बेहद तेज मेमोरी यूनिट होते हैं। ये डेटा को अस्थायी रूप से स्टोर करते हैं ताकि CPU तेजी से काम कर सके।
हालांकि इनकी क्षमता कम होती है, लेकिन स्पीड बहुत अधिक होती है। यही वजह है कि प्रोसेसिंग इतनी तेजी से हो पाती है।
कंप्यूटर का विकास विभिन्न पीढ़ियों में हुआ है। हर पीढ़ी में तकनीक बेहतर और उन्नत होती गई।
| पीढ़ी | मुख्य तकनीक | विशेषता |
|---|---|---|
| पहली | वैक्यूम ट्यूब | बहुत बड़े और धीमे |
| दूसरी | ट्रांजिस्टर | छोटे और तेज |
| तीसरी | इंटीग्रेटेड सर्किट | अधिक विश्वसनीय |
| चौथी | माइक्रोप्रोसेसर | पर्सनल कंप्यूटर का विकास |
| पाँचवीं | आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस | स्मार्ट और स्वचालित |
आज हम पाँचवीं पीढ़ी के दौर में हैं, जहां कंप्यूटर सोचने और सीखने की क्षमता विकसित कर रहे हैं।
कंप्यूटर के कई फायदे हैं:
यह हमारी उत्पादकता को कई गुना बढ़ा देता है। आज बिना कंप्यूटर के आधुनिक जीवन अधूरा है।
हर चीज के दो पहलू होते हैं। कंप्यूटर के कुछ नुकसान भी हैं:
अगर सही तरीके से उपयोग न किया जाए, तो यह नुकसानदायक भी हो सकता है।
कंप्यूटर और इंटरनेट एक-दूसरे के पूरक हैं। इंटरनेट के बिना कंप्यूटर सीमित हो जाता है, और कंप्यूटर के बिना इंटरनेट का उपयोग कठिन है।
ईमेल, सोशल मीडिया, ऑनलाइन शॉपिंग—सब इंटरनेट और कंप्यूटर के मेल से संभव है।
भविष्य में कंप्यूटर और भी अधिक उन्नत होंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और क्वांटम कंप्यूटिंग दुनिया को पूरी तरह बदल सकते हैं।
संभव है कि आने वाले समय में कंप्यूटर इंसानों की तरह सोचने और निर्णय लेने लगें। लेकिन एक बात तय है—कंप्यूटर का महत्व लगातार बढ़ता ही जाएगा।
कंप्यूटर आधुनिक युग का सबसे महत्वपूर्ण आविष्कार है। यह केवल एक मशीन नहीं, बल्कि हमारी जिंदगी का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, मनोरंजन—हर क्षेत्र में इसकी भूमिका अहम है। सही उपयोग से यह हमारा सबसे बड़ा सहायक बन सकता है। इसलिए कंप्यूटर को समझना और उसका सही उपयोग करना आज के समय की जरूरत है।
1. कंप्यूटर क्या है सरल शब्दों में?
कंप्यूटर एक इलेक्ट्रॉनिक मशीन है जो इनपुट लेकर उसे प्रोसेस करके आउटपुट देती है।
2. कंप्यूटर का जनक किसे कहा जाता है?
चार्ल्स बैबेज को कंप्यूटर का जनक कहा जाता है।
3. CPU का पूरा नाम क्या है?
CPU का पूरा नाम Central Processing Unit है।
4. कंप्यूटर की कितनी पीढ़ियाँ हैं?
मुख्य रूप से कंप्यूटर की पाँच पीढ़ियाँ मानी जाती हैं।
5. कंप्यूटर का सबसे बड़ा लाभ क्या है?
तेजी और सटीकता कंप्यूटर का सबसे बड़ा लाभ है।
| All Courses | View List | Enroll Now |
| Mock Tests/Quizzes | View All |
| Student Registration | Register Now |
| Become an Instructor | Apply Now |
| Dashboard | Click Here |
| Student Zone | Click Here |
| Our Team | Meet the Members |
| Contact Us | Get in Touch |
| About Us | Read More |
| Knowledge Base | Click Here |
| Classes/Batches: Class 6th to 12th, BA, B.Sc, B.Com (All Subjects) — Online & Offline Available | Click Here |
| Exam Preparation: SSC, Railway, Police, Banking, TET, UPTET, CTET, and More | Click Here |
| Shree Narayan Computers & Education Center | Home Page |
Understanding WordPress and Its Features WordPress is a powerful content management system (CMS) that enables…
परिचय | सांख्यिकी All CoursesView List | Enroll NowMock Tests/QuizzesView AllStudent RegistrationRegister NowBecome an InstructorApply…
प्रतिस्पर्धा रहित बाज़ार | व्यष्टि अर्थशास्त्र
पूर्ण प्रतिस्पर्धा की स्थिति में फर्म का सिद्धान्त | व्यष्टि अर्थशास्त्र All CoursesView List |…
This website uses cookies.